इतिहास की परिभाषा –
इतिहास का अगर हम संधि विच्छेद करें तो यह (इति+ह+आस) होता है जिसका अर्थ है “यह निश्चय था”। ग्रीस के लोग इसे हिस्तरी बोलते थे जिसका अर्थ है “बुनना”। यानी कि किसी भी ज्ञात घटनाओं को सुसज्जित ढंग से व्यवस्थित करना। इतिहास को अलग-अलग इतिहासकारों ने अपने-अपने रूप से परिभाषित किया है, किंतु सबका मत इस पर है कि “प्राचीन काल से नवीन काल की ओर आने वाली मानव जाति से संबंधित घटनाओं का वर्णन इतिहास कहलाता है” इतिहास का जनक हेरोडोटस को कहा जाता है
इतिहास को मुख्यतः तीन भागों में बांटा गया है जो निम्नलिखित हैं-
- प्रागैतिहासिक
- आद्यएतिहासिक
- ऐतिहासिक
1.प्रागैतिहासिक (Pre-historic)-
यह इतिहास का वह कालखंड है जिसका कोई लिखित स्रोत उपलब्ध नहीं है। इसका केवल पुरातात्विक स्रोत मिलता है। जैसे मानव के कंकाल, पहिया,पत्थर के औजार इत्यादि। इसे पाषाण काल भी कहा जाता है।

2.आद्यएतिहासिक (proto-historic)-
यह इतिहास का वह कालखंड है जिसका लिखित स्रोत उपलब्ध है किंतु वह पढ़ा नहीं जा सकता। उदाहरण के लिए सिंधु घाटी की सभ्यता जिसे हम हड़प्पा सभ्यता भी कहते हैं। पुरातत्ववेत्ताओं को सिंधु घाटी सभ्यता के कई लेख प्राप्त हुए किंतु उनमें इतनी जटिल भाषा का प्रयोग किया गया है जिसे समझ पाना नामुमकिन है। इस कालखंड के बारे में भी पुरातात्विक स्रोतों से ही पता लगाया जा सकता है।

3. ऐतिहासिक (historic)-
यह इतिहास का वह कालखंड है जिसका पुरातात्विक स्रोत तो है ही और साथ ही साथ लिखित स्रोत भी उपलब्ध है। जिनका अध्ययन करके इनके बारे में अधिक से अधिक और सटीक जानकारी हासिल की जा सकती है।
इसके अंतर्गत हम निम्नलिखित भागों का अध्ययन करते हैं।
(क) प्राचीन इतिहास
(ख) मध्यकालीन इतिहास
(ग) आधुनिक इतिहास
(घ) समकालीन इतिहास

आशा करता हूं कि इस लेख से आपको इतिहास और इतिहास के भागों के बारे में अच्छे से समझ में आया होगा। अगले लिखने हम इन सभी का विस्तार पूर्वक वर्णन करेंगे।
मानव की उत्पत्ति के बारे में जानने के लिए नीचे दी हुई लिंक पर क्लिक करें…
Apne bahut axha likha hm logo ki bhut help ho jati please aise hi likhte rahiye
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