होमो इरेक्टस।। होमो इरेक्टस के लक्षण।। होमो इरेक्टस की पहचान।। मानव की होमो इरेक्टस प्रजाति कहां रहते थे।। होमो इरेक्टस की शाखाएं।।

होमो इरेक्टस-

जैसा कि हमने अपनी पिछली पोस्ट में आप लोगों को मानव की विभिन्न प्रजातियों के बारे में अवगत कराया था। इनमें पोंगिडे (गोरिल्ला व चिंपांजी) होमोनिड, होमो हैबिलिस, होमो इरेक्टस, होमो सेपियंस तथा होमो सेपियंस सेपियंस थे। पुरातत्ववेत्ताओं का मानना है की होमो इरेक्टस प्रजाति में ही आधुनिक मानव के लक्षण दिखने लगे थे। होमो इरेक्टस का “होमो” शब्द “ह्यूमन” से लिया गया है तथा “इरेक्ट” का अर्थ होता है “सीधा खड़ा”। मानव की विभिन्न प्रजातियों में होमो इरेक्टस में सबसे पहले सीधे खड़े होने के लक्षण दिखे। अतः इन्हें “होमो इरेक्टस” कहा गया।  पुरातत्ववेत्ता लीकी ने प्राप्त कंकालों से यह अनुमान लगाया था कि होमो इरेक्टस 50 लाख वर्ष पूर्व  से लेकर 3 लाख वर्ष पूर्व के बीच रहे होंगे।

होमो इरेक्टस चित्र संख्या 1

होमो इरेक्टस के साक्ष्य-    

होमो इरेक्टस के प्रमाण सर्वप्रथम अफ्रीका में मिले थे बाद में इनके प्रमाण विश्व के कई स्थानों में मिले जो कि निम्नलिखित है। एशिया – फिलिस्तीन, इजरायल, इराक, सीरिया, जावा, फिलीपींस, चीन के कुछ हिस्से, भारत, पाकिस्तान तथा इंडोनेशिया                                                                यूरोप– फ्रांस, जर्मनी, स्पेन तथा पूर्वी यूरोप      

अफ्रीका-इथोपिया, तंजानिया तथा कीनिया 

होमो इरेक्टस चित्र संख्या 2

होमो इरेक्टस के लक्षण- शारीरिक बनावट-  

होमो इरेक्टस के कंकाल निश्चित रूप से आधुनिक मानव की तरह थे। होमो इरेक्टस थोड़े मोटे और नाटे थे, सिर और चेहरा ‘आदिम’ रूप में थे, ललाट पीछे की ओर निकला हुआ और भौहें उन पर हावी थी। होमो हैबिलिस की तुलना में मस्तिष्क बड़ा था और चेहरा भी कम बाहर निकला हुआ था। ठुड्डियां भी आधुनिक मानव की तरह बनने लगी थी परंतु अभी तक उनका पूरी तरह से विकास नहीं हो सका था। उनके मस्तिष्क आकार लगभग 900-1100  सीसी था।

होमो इरेक्टस चित्र संख्या 3

होमो इरेक्टस की जीवन शैली-

होमो इरेक्टस प्राकृतिक गुफाओं के साथ-साथ अंडाकार या वृत्ताकार घरों में 30- 35 लोगों के समूह में रहते थे। यह घर पेड़ की शाखाओं और जानवरों की खाल से बनाए जाते थे। इन घरों में मिले चूल्हों से ऐसा प्रतीत होता है कि यह नियमित रूप से आग का इस्तेमाल करते थे और मांस को भूनकर या बर्तनों में पका कर खाते थे। ये हर रोज शिकार किया करते थे। शिकार के लिए केवल पुरुष ही जाते थे जबकि महिलाएं कंदमूल और अन्य भोजन पदार्थ इकट्ठा करती थी मानव समूह आमतौर पर अलग-अलग रहा करते थे परंतु किसी खास समय और मौसम में एक साथ इकट्ठे हो जाया करते थे। समूह का इधर-उधर जाना एक सीमित क्षेत्र के भीतर ही होता था।

दोस्तों आशा करते हैं कि इस लेख के माध्यम से आप लोग होमो इरेक्टस के लक्षण, उनके साक्ष्य तथा उनकी जीवन शैली के बारे में समझ चुके होंगे।

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